दिनांक 12 जुलाई 2026 को सेवा विभाग एवं सेवा भारती, काशी प्रांत की संयुक्त प्रांत योजना बैठक माधव ज्ञान केन्द्र, खरकौनी, नैनी, प्रयागराज में अत्यंत प्रेरणादायी एवं उद्देश्यपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुई। इस महत्वपूर्ण बैठक में काशी प्रांत के सभी जिला, भाग एवं विभाग सेवा प्रमुखों के साथ-साथ सेवा भारती के प्रांत, विभाग एवं जिला स्तर के अध्यक्ष, महामंत्री एवं कोषाध्यक्ष उपस्थित रहे।
बैठक का मुख्य उद्देश्य सेवा विभाग एवं सेवा भारती के मध्य बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए आगामी वर्ष के लिए सेवा कार्यों की व्यापक एवं प्रभावी वार्षिक योजना तैयार करना था। बैठक के प्रारंभ में प्रांत सेवा प्रमुख श्री सत्यविजय सिंह द्वारा सेवा कार्य की आवश्यकता क्यों है तथा सह प्रांत सेवा प्रमुख श्री पवन कुमार जी द्वारा सेवा कार्य कहां करना है, इस विषय पर विस्तृत चर्चा किया गया ।
सभी उपस्थित कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों के अनुभव साझा किए तथा सेवा कार्यों के विस्तार, सेवा केंद्रों के सुदृढ़ संचालन, नवीन सेवा परियोजनाओं के प्रारंभ, समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक सेवा पहुँचाने तथा सेवा गतिविधियों को अधिक सुव्यवस्थित एवं प्रभावी बनाने पर गंभीरता से विचार-विमर्श किया।
बैठक में यह संकल्प लिया गया कि सेवा कार्य केवल सहायता प्रदान करने तक सीमित न रहें, बल्कि समाज में आत्मनिर्भरता, संस्कार, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं सामाजिक समरसता को सशक्त बनाने का प्रभावी माध्यम बनें। प्रत्येक सेवा केंद्र को नियमित, सक्रिय एवं समाजोपयोगी बनाने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की गई तथा विभिन्न दायित्वों का निर्धारण भी किया गया।
इस अवसर पर श्री युद्धवीर जी का प्रेरणादायी पाथेय प्राप्त हुआ। उन्होंने अपने मार्गदर्शन में सेवा को राष्ट्र निर्माण का सशक्त माध्यम बताते हुए कहा कि सेवा कार्य करुणा, आत्मीयता एवं संगठनात्मक समन्वय के साथ निरंतर आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं से सेवा के प्रत्येक आयाम को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने, सेवा केंद्रों को अधिक प्रभावी बनाने तथा सेवा के माध्यम से सामाजिक परिवर्तन का संकल्प लेकर कार्य करने का आह्वान किया।
बैठक का समापन राष्ट्र एवं समाज के प्रति समर्पित भाव से सेवा कार्यों को नई ऊर्जा, नई गति और नई दिशा देने के संकल्प के साथ हुआ। सभी उपस्थित कार्यकर्ताओं ने विश्वास व्यक्त किया कि संयुक्त योजना के माध्यम से काशी प्रांत में सेवा कार्यों का विस्तार होगा तथा सेवा के विविध आयाम समाज के प्रत्येक वर्ग तक प्रभावी रूप से पहुँचेंगे।सेवा भारती समिति के महामंत्री श्री ज्यूतराम विश्वकर्मा जी द्वारा सेवा भारती के सभी आयामों द्वारा वर्ष भर किये जाने वाले कार्यों का योजना तैयार किया गया । अन्त में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, काशी प्रांत के माननीय संघचालक श्रीमान् अंगराज जी द्वारा सेवा भाव जागृत करने वाले अपने ओजस्वी वाणी द्वारा बैठक का समापन किया गया ।
“नर सेवा ही नारायण सेवा है। सेवा ही संगठन की शक्ति है और सेवा के माध्यम से ही समरस, समर्थ एवं आत्मनिर्भर समाज का निर्माण संभव है।”


